Modi Cabinet 3.0: अग्निपथ स्कीम खत्म होगी या बदलेगी? समिति बन गई, सिफारिश पर फैसला लेगी मोदी सरकार

Modi Cabinet 3.0: अग्निपथ स्कीम खत्म होगी या बदलेगी? समिति बन गई, सिफारिश पर फैसला लेगी मोदी सरकार

बीजेपी सरकार इस चुनाव में कुछ खास प्रदर्शन नहीं कर पाई. भले ही कम सीटों के साथ एनडीए की वापसी हो गई है लेकिन बीजेपी के दिग्गज नेता कहां पर कमी रह गई उसको तलाशने में जुटे हैं. जिन राज्यों से बड़ी संख्या में युवा सेवा में जाते हैं वहां पर बीजेपी को काफी नुकसान उठाना पड़ा है, और हो ना हो इसकी वजह ‘अग्निपथ स्कीम’ से जोड़ी जा रही है. बता दें कि प्रधानमंत्री की 3.0 सरकार ने 10 प्रमुख मंत्रालयों के सचिवों के एक समूह को ‘अग्निपथ योजना’ की समीक्षा करने का सशस्त्र बलों की भर्ती योजना को अधिक आकर्षक बनाने के तरीके सुझाने का काम सौंपा है.

‘अग्निपथ स्कीम’ की कमी को दूर करने का प्रयास
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, केंद्र सरकार चाहती है कि जितना जल्दी हो सके ‘अग्निपथ स्कीम’ की हर कमी को दूर कर लिया जाए. जानकारी ऐसी भी कि जब पीएम मोदी जी-7 समिट में शामिल होकर इटली से लौट जाएंगे तब सचिवों का पैनल अंतिम प्रस्तुति देगा. सूत्रों के मुताबिक, सचिवों का ये समूह अग्निपथ योजना में बदलाव के तहत सैलरी बढ़ाने समेत अन्य सुविधाएं देने का सुझाव दे सकता है.

क्या है ‘अग्निपथ स्कीम’ ?
आपको बता दें कि अग्निपथ योजना के तहत अग्नि शवीरों को 4 साल के कार्यकाल के लिए भर्ती किया जाता है. इस अवधि के दौरान उन्हें 30 हजार रुपए से शुरू होने वाला नियमित मासिक वेतन मिलता है और चौथे वर्ष में 40 हजार तक पहुंच जाता है. इसके अतिरिक्त 4 साल का कार्यकाल पूरा होने का अग्निवीर को एकमुश्त सेवानिधि पैकेज के रूप में लगभग 12 लाख रुपये मिलेंगे. हालांकि, सशस्त्र बल अपनी आवश्यकता अनुसार अग्निवीरों को स्थायी सेवा भी दे सकते हैं. बताते चलें कि बीजेपी अग्निपथ स्कीम को लेकर कुछ बड़ा फैसला ले सकती है, देखने वाली बात होगी कि आखिर इस पर क्या कुछ नया होता है.

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