NDA में शामिल होने से Jayant Chaudhary को कितना हुआ फायदा? यहां समझिए समीकरण

NDA में शामिल होने से Jayant Chaudhary को कितना हुआ फायदा? यहां समझिए समीकरण

जयंत चौधरी का सियासी सफर बेहद दिलचस्प है और ये कहना गलत नहीं होगा कि साल 2024 जयंत चौधरी के लिए काफी शुभ रहा. 15 साल बाद एनडीए में आरएलडी की वापसी के साथ ही जयंत चौधरी और उनकी पार्टी के दिन बदलने लगे थे अब केंद्र में मंत्री पद की शपथ लेने के बाद उन्हें और भी ज्यादा फायदा हुआ है. बता दें कि जयंत चौधरी का एनडीए में शामिल होना उनके लिए काफी लकी है.

NDA में शामिल होने से जयंत चौधरी को फायदा
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 15 साल पहले भी आरएलडी, एनडीए का ही हिस्सा था. साल 2009 का लोकसभा चुनाव आरएलडी ने एनडीए में रहकर ही लड़ा था. उस समय पार्टी ने 7 सीटों पर चुनाव लड़कर 5 सीटों पर जीत हासिल की थी लेकिन एनडीए को बहुमत नहीं मिला था तब आरएलडी के तत्कालीन अध्यक्ष चौधरी अजीत सिंह एनडीए के साथ चुनाव लड़कर यूपीए में शामिल हो गए थे. इसके बाद साल 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में आरएलडी का खाता तक नहीं खुला फिर 2024 में आरएलडी अध्यक्ष जयंत चौधरी एनडीए में शामिल हो गए. एनडीए में शामिल होने के बाद आरएलडी सबसे पहले प्रदेश सरकार में शामिल हुआ और उसके बाद मिलकर लोकसभा चुनाव लड़ा.

केंद्र सरकार में जयंत चौधरी बने मंत्री
आपको बता दें कि एनडीए में शामिल होने के बाद जयंत चौधरी को सबसे बड़ा लाभ ये हुआ है कि वो खुद केंद्र सरकार में मंत्री बन गए हैं. करीब 13 साल बाद केंद्रीय कैबिनेट में आरएलडी की एंट्री हुई है. 13 साल पहले 18 दिसंबर 2011 को यूपीए सरकार में आरएलडी के तत्कालीन अध्यक्ष अजीत सिंह मंत्री बने थे. इसके साथ ही आरएलडी की प्रदेश की योगी सरकार में भी एंट्री हो गई है. बताते चलें कि एनडीए में शामिल होने से आरएलडी को काफी लाभ हुआ है, जिससे सरकार में काफी भूमिका बढ़ी है.

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